Share Market Crash Today: शेयर बाजार में किस वजह से आज फिर आई जोरदार गिरावट, सेंसेक्स 719 अंक फिसलकर हुआ बंद
शेयर बाजार (Share Market) कारोबारी सप्ताह के पहले दिन (08 जून 2026, सोमवार) गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान प्रमुख भारतीय इक्विटी सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (Sensex) और एनएसई निफ्टी (Nifty) दोनों ही लाल निशान पर रहे। ऐसा किस वजह से हुआ जानते हैं।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में 1 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 719.08 अंकों यानी 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,524.26 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 243.70 (1.04 प्रतिशत) अंक गिरकर 23,123 पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार का प्रदर्शन प्रमुख बेंचमार्कों से खराब रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.92 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट
वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी (2.56 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (2.33 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (1.85 प्रतिशत) में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 पैक में सिर्फ 9 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी शेयर लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। मैक्स हेल्थ, पावरग्रिड, भारती एयरटेल, बीईएल, नेस्ले इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जबकि विप्रो (8.4 प्रतिशत की गिरावट), जियो फाइनेंस, इटरनल, हिंडाल्को और श्री राम फाइनेंस के शेयरों में 3.6 प्रतिशत कीगिरावट देखने को मिली।
शेयर बाजार में आज गिरावट की 5 बड़ी वजह
1) कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
2) भू-राजनीतिक चिंताएं
3) कमजोर वैश्विक संकेत
4) विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर बिकवाली
5) रुपये में गिरावट
क्या कहते हैं शेयर बाजार के गिरने पर एक्सपर्ट
खबरों के मुताबिक, ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों पर पानी फिर गया और साथ ही युद्धविराम की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
विनोद नायर, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च ने कहा कि घरेलू इक्विटी ने वैश्विक मार्केट से बेहतर प्रदर्शन किया, भले ही क्यों ना बाजार में समेकन जारी रहा। वैश्विक भावना मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से कमजोर हुई है, जिससे क्रूड $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। साथ ही, वैश्विक टेक शेयरों में बिकवाली देखी गई क्योंकि निवेशक एआई रैली की स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं।
नागराज शेट्टी, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट ने कहा कि सोमवार को बाजार में तेज गिरावट आई। जियो-पॉलिटिकल तनाव और वैश्विक बाजारों की कमजोरी के कारण निफ्टी 243 अंक नीचे बंद हुआ। 8 अप्रैल के महत्वपूर्ण गैप सपोर्ट 23150 के ब्रेकडाउन का प्रयास देखा गया, जो अच्छा संकेत नहीं है। निफ्टी का ट्रेंड कमजोर है और 23100 के नीचे निर्णायक गिरावट पर 22700 तक तेज कमजोरी आ सकती है।
नंदीश शाह, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि निफ्टी चार सत्रों के समेकन से बाहर निकलकर 243 अंक गिरकर 23,123 पर बंद हुआ। शुरुआती 286 अंकों के गैप-डाउन के बावजूद थोड़ी रिकवरी हुई, लेकिन दूसरे हिस्से में मोमेंटम फीका पड़ गया। व्यापक बाजारों में और तेज गिरावट आई। तकनीकी रूप से निफ्टी 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल के पास बंद हुआ और सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे बेयरिश बायस बना हुआ है।
रुपया किस वजह गिरा?
दिलीप परमार, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट ने कहा कि मध्य पूर्व तनाव और क्रूड में तेजी तथा डॉलर की सुरक्षित मांग के कारण भारतीय रुपया पिछले सत्र के ज्यादातर लाभ को गंवा बैठा। मजबूत अमेरिकी नौकरी डेटा के चलते भी दबाव बढ़ा। निकट भविष्य में स्पॉट USDINR 94.50 से 96.50 की रेंज में समेकन की उम्मीद है।