सरकार बेचने जा रही है अनिल अग्रवाल की कंपनी में अपनी 2% हिस्सेदारी? रिपोर्ट के बाद टूटे Hindustan Zinc के शेयर

नई दिल्ली। माइनिंग कारोबारी अनिल अग्रवाल की कंपनी हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है। स्टैक सेल से जुड़ी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के बाद शुक्रवार को हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Shares) के शेयर 5 फीसदी से ज्यादा गिर गए। हैरानी की बात है कि यह लगातार 7वां कारोबारी सत्र है जब शेयर में बिकवाली हावी है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार कंपनी में 5,000 करोड़ रुपये तक की नई हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। हिंदुस्तान जिंक के शेयर 605 रुपये के स्तर पर खुले और इंट्रा डे में 570 रुपये का निचला स्तर छू लिया।
रिपोर्ट में सूत्रों ने क्या कहा?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें अज्ञात सूत्रों के हवाले कहा गया है कि सरकार हिंदुस्तान जिंक में 2 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सौदे से 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाए जा सकते हैं और इसे इसी महीने या जुलाई में शुरू किया जा सकता है। फिलहाल, इस कंपनी में कंपनी 28 फीसदी तक हिस्सेदारी है, और कंपनी के प्रमोटर, वेदांता लिमिटेड के पास कुल 60.71 फीसदी स्टैक है।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ICICI सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, IIFL कैपिटल सर्विसेज और HDFC सिक्योरिटीज प्रस्तावित लेनदेन पर सरकार को सलाह दे रही हैं। ब्लूमबर्ग ने कहा कि इस बारे में विचार-विमर्श जारी है और पेशकश का समय और आकार अभी भी बदल सकता है।
सरकार द्वारा विनिवेश प्रयासों को तेज करने के बीच संभावित हिस्सेदारी बिक्री की खबर सामने आई है। पिछले सप्ताह, सरकार ने कोल इंडिया में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,500 करोड़ रुपये जुटाए। इस सप्ताह की शुरुआत में, सरकार ने एनएचपीसी में 6 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग 3,900 करोड़ रुपये हासिल किए हैं।