लखनऊ में पूर्व ARTO के घर विजिलेंस रेड, 13 किलो सोना और ₹1.62 करोड़ कैश बरामद
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सूबे में विजिलेंस एक्शन मोड में आ गई है. लखनऊ में एक पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के ठिकाने पर दो दिनों तक चली छापेमारी में कुबेर का ऐसा खजाना मिला है, जिसे देखकर खुद जांच अधिकारी भी सन्न रह गए.
वंदे न्यूज़ लखनऊ | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने लखनऊ के अलीगंज स्थित आगरा के पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के आवास पर दो दिनों तक चली छापेमारी में भारी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी और करोड़ों रुपये की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।
विजिलेंस की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज मुकदमे के तहत कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद की गई।
दो दिन चली तलाशी, मिली बेहिसाब संपत्ति
विजिलेंस टीम ने 7 और 8 जुलाई को अलीगंज स्थित सी-143, चंद्रलोक कॉलोनी स्थित आवास पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान घर के अलग-अलग हिस्सों से छिपाकर रखी गई नकदी, सोने के बिस्कुट, सोने की बार, आभूषण और चांदी बरामद की गई।
बरामदगी में क्या-क्या मिला?
- ₹1.62 करोड़ नकद
- लगभग 13 किलोग्राम सोना (बिस्कुट, बार और आभूषण)
- करीब 9 किलोग्राम चांदी
- करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बरामद सोने की कीमत लगभग ₹20 करोड़ बताई जा रही है।
लखनऊ से नोएडा और दिल्ली-एनसीआर तक फैला संपत्ति का नेटवर्क
जांच में ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जिनसे पता चलता है कि पूर्व अधिकारी ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के कई शहरों में निवेश किया था। विजिलेंस के अनुसार, अब तक 15 से अधिक संपत्तियों का पता चला है, जिनकी अनुमानित कीमत ₹35 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
इनमें शामिल हैं:
- लखनऊ के अलीगंज में दो आवासीय मकान
- इस्माइलगंज, वृंदावन योजना और भरावं कला में प्लॉट
- बाराबंकी और रायबरेली में कृषि भूमि
- नोएडा, लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर में फ्लैट बुकिंग से जुड़े दस्तावेज
आय से अधिक संपत्ति के मामले में पहले से चल रही थी जांच
विजिलेंस के अनुसार, पूर्व ARTO ललित कुमार, जो मूल रूप से रायबरेली के निवासी हैं, के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की गोपनीय जांच चल रही थी। इसके बाद कानपुर रेंज के एंटी-करप्शन पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
फिलहाल विजिलेंस बैंक खातों, लॉकरों और संभावित बेनामी संपत्तियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
चुनाव से पहले भ्रष्टाचार पर सख्ती की चर्चा
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सरकार की ओर से चुनाव से जोड़कर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।