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40 साल पहले विवादित मैच के अंपायर का निधन, भारत इनको कभी भुला नहीं पाएगा

पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर वी. विक्रम राजू का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें 1986 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ऐतिहासिक टाई टेस्ट मैच में अंपायरिंग के लिए जाना जाता है।

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||2 min read|Updated 1 month ago
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40 साल पहले विवादित मैच के अंपायर का निधन, भारत इनको कभी भुला नहीं पाएगा

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Former Umpire Vikram Raju Dies: भारत बनाम अफगानिस्तान एकमात्र टेस्ट के दौरान क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी। क्रिकेट की दुनिया ने रविवार यानी 7 जून को एक ऐसे शख्स को हमेशा के लिए खो दिया, जिसका नाम भले चर्चित खिलाड़ियों जितना न रहा हो, लेकिन खेल के इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक को उन्होंने बेहद करीब से देखा और जिया था।


ये और कोई नहीं 1986 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टाई हुए ऐतिहासिक टेस्ट में अंपायरिंग करने वाले पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर वी. विक्रम राजू है, जिनका 92 साल की उम्र में बेंगलुरु में निधन हो गया।


नहीं रहे पूर्व अंपायर विक्रम राजू


दरअसल, 92 साल की उम्र में वी विक्रम राजू ने अंतिम सांसे ली। राजू का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज से भले लंबा नहीं था, लेकिन क्रिकेट इतिहास में उनका नाम हमेशा 1986 के उस यादगार चेन्नई टेस्ट से जुड़ा रहेगा, जो क्रिकेट इतिहास का दूसरा टाई टेस्ट था। इससे पहले 1960 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच ब्रिस्बेन में टेस्ट मैच टाई हुआ था।


कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने एक बयान में कहा, केएससीए के अध्यक्ष और प्रबंध समिति बहुत दुख के साथ पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर विक्रम राजू के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। उन्होंने कई दशकों तक क्रिकेट के खेल की ईमानदारी से सेवा की. एक अंपायर के तौर पर, उन्होंने खेल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहचान बनाई।


जब पूरा मैच एक रन पर ठहर गया


सितंबर 1986 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया टेस्ट मैच आज भी क्रिकेट फैंस की यादों में ताजा है। पांच दिनों तक चलने वाला मुकाबला ऐसी स्थिति में पहुंचा था, जहां जीत और हार के बीच सिर्फ एक रन का फासला था।


भारत को जीत के लिए 348 रन चाहिए थे। आखिरी विकेट बचा था।तभी ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर ग्रेग मैथ्यूज की गेंद पर 11वें नंबर के खिलाड़ी मनिंदर सिंह को एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया। भारत 347 रन पर सिमट गया और मैच टाई घोषित हुआ।


टेस्ट क्रिकेट के 100 से अधिक सालों के इतिहास में यह उस समय सिर्फ दूसरा टाई टेस्ट था। तीन मैच की सीरीज का पहला टेस्ट मैच था, जो आखिरी में 0-0 ड्रॉ रही। अपने अंपायरिंग करियर के बाद राजू ने मैच रेफरी के तौर पर क्रिकेट में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने चार प्रथम श्रेणी मैचों के अलावा कर्नाटक प्रीमियर लीग में भी अंपायरिंग की थी।




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