Fuel Price Hike: निर्मला सीतारमण ने की 3F पर फोकस करने की अपील, बताया क्या है 1 लाख करोड़ के नुकसान का फैक्टर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट से ईंधन महंगा होगा और माल ढुलाई में देरी होगी। उन्होंने 'ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा' (3F) पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की, जबकि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति को मजबूत बताया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट सिर्फ एक भू-राजनीतिक मुद्दा नहीं है बल्कि इससे आम लोगों के लिए ईंधन महंगा होगा। सिडबी के 27वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार डीजल और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके एक लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा, पश्चिम एशिया संकट केवल कूटनीतिक या भू-राजनीतिक मुद्दा नहीं है। कारोबार और आम लोगों के लिए इसका मतलब ईंधन की ऊंची लागत, माल ढुलाई में देरी, महंगी शिपिंग, कच्चे माल की कमी, कार्यशील पूंजी पर दबाव और निर्यात आर्डर को लेकर अनिश्चितता हो सकता है।’ उन्होंने माना कि छोटे कारोबारियों के लिए भविष्य की योजना बनाना एक चुनौती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का नजरिया नागरिकों की सुरक्षा, माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज को सपोर्ट करने, निर्यातकों की सुरक्षा करने और सप्लाई चेन को चालू रखने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने पर फोकस है।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने निर्यातकों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें सीमा शुल्क से जुड़ी औपचारिकताओं को आसान बनाना भी शामिल है, जिससे फंसे हुए कार्गो को आसानी से लाया जा सके।
‘ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा’ पर ध्यान देने की आवश्यकता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट के बीच ‘ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा (थ्री-एफ) पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ उर्वरक की कीमतें भी अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी क्षेत्र पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं।
सीतारमण ने कहा कि ऐसे समय में ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा (3एफ) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है और प्रधानमंत्री के आह्वानों का संदर्भ भी इसी पृष्ठभूमि में है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्थिति को लेकर यह दावा कर रहे हैं कि सब कुछ बर्बाद हो रहा है, जो सही नहीं है।
भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत- सीतारमण
सीतारमण ने कहा, लोगों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों को भुला दिया जाता है और एक निराशावादी व नकारात्मक माहौल बनाया जाता है, जो बिल्कुल उचित नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी कारणों से उत्पन्न हुई हैं, जबकि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने कहा, भारत भय फैलाने की स्थिति में नहीं है। हमें अपने शब्दों और कार्यों से लोगों में विश्वास पैदा करना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से कहा कि वे एमएसएमई को भुगतान करने में 45 दिन की समय-सीमा से अधिक विलंब न करें।