चित्रकूट में बालू खनन के नाम पर ₹2.37 करोड़ की धोखाधड़ी, दो आरोपी गिरफ्तार
चित्रकूट में बालू खनन में हिस्सेदारी और 19 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर ढाई करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और 53 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।

वंदे न्यूज़ संवाददाता, चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में बालू खनन में हिस्सेदारी और 19 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर करीब 2.37 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में सरधुवा थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और 53 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार, इस मामले में 9 मई को प्रदीप यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राघवेंद्र दुबे और देवाशीष शर्मा ने राजापुर क्षेत्र के धौरहरा खादर स्थित बालू खनन पट्टे में 19 प्रतिशत लाभ का झांसा देकर निवेश कराया।
आरोप है कि सड़क निर्माण, कैंप कार्यालय, धर्मकांटा, खनन कार्य और अन्य मदों के नाम पर शिकायतकर्ता से करीब 2.37 करोड़ रुपये लिए गए, लेकिन तय मुनाफा नहीं दिया गया। बाद में भुगतान से इनकार करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं।
मंगलवार को राजापुर क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी किसी अन्य व्यक्ति की लाइसेंसी रिवॉल्वर अपने पास लेकर घूम रहे थे। पुलिस ने हथियार और 53 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में यह भी पता चला कि देवाशीष शर्मा लेन-देन और खातों का हिसाब-किताब संभालता था।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
