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योगी आदित्यनाथ का मौलानाओं को करारा जवाब, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को बताया दोगलापन

सीएम योगी आदित्यनाथ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को 'दोगलापन' बताया, कहा गाय स्वयं राष्ट्र माता है। उन्होंने गोकशी पर कड़ी चेतावनी दी और गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड पर भी प्रतिक्रिया दी।

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||2 min read|Updated 1 month ago
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योगी आदित्यनाथ का मौलानाओं को करारा जवाब, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को बताया दोगलापन

डिजिटल डेस्क, बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले मौलानाओं को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि गाय स्वयं राष्ट्र माता है, उसे किसी घोषणा की आवश्यकता नहीं है। वहीं, गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड पर सीएम योगी ने कठोर प्रतिक्रिया दी है।


सीएम योगी बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/लीज धारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र के वितरण समारोह में बोल रहे थे। 


सीएम ने कहा, ‘मैंने अभी हाल ही में सुना है कि कुछ मौलवी-मौलाना मांग कर रहे थे कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए, उनको बता दूं कि गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है। मां और पुत्र के बीच में कुछ घोषित करने की आवश्यकता नहीं है। यह हमारे संस्कार हैं, हमने अपनी मां के बारे में जो सम्मान का भाव रखते है, उसी भाव से हमने गाय को माता माना है’।



सीएम योगी ने तीखे अंदाज में कहा, ‘गाय कोई पशु नहीं है, वह तो हमारे लिए माता है। पशु तुम्हारी बुद्धि है, तुम्हारी सोच पशुवत है, जो तुम गौमाता को पशु बोल रहे हो। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तुम्हारा दोगलापन है, जो एक ओर गोकशी को प्रश्रय देते हो, दूसरी ओर इस तरह की मांग कर रहे हो’।


गोकशी पर चेतावनी देते हुए सीएम ने कहा, यूपी में गोहत्या का मतलब क्या होता है, यह सभी जानते हैं। इसके बाद भी अगर कोई इस तरह का कृत्य करता है तो कई पीढ़िया याद रखेंगी कि गोहत्या करने का क्या हश्र होता है?


वहीं, गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि दोस्ती की आड़ में छूरेबाजी हो रही है, जो कतई स्वीकार नहीं होगा। अगर कोई अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है तो समझो कि गलती कर रहा है। याद रखें कि हमारी संवेदना मात्र सामान्य नागरिकों के प्रति है। 


उल्लेखनीय है कि बकरीद से पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने गाय की कुर्बानी ईद का हिस्सा न होने और न ही इस्लाम के तहत अनिवार्य होने की बात कही है। इस निर्णय पर देश के कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कानून, सामाजिक सौहार्द और धार्मिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए बकरीद पर प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करने की अपील की है। साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी की थी।



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