लोकसभा से भी पास हुआ वंदे मातरम् बिल, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून
राज्यसभा के बाद लोकसभा ने भी वंदे मातरम् बिल पारित कर दिया। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण मिलेगा।
वंदे न्यूज़ संवाददाता,नई दिल्ली : राज्यसभा के बाद अब वंदे मातरम् बिल को लोकसभा से भी मंजूरी मिल गई है। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच गुरुवार को सदन ने इस विधेयक को पारित कर दिया। अब यह बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा।
राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी मिली मंजूरी
इस विधेयक को 29 जुलाई को राज्यसभा ने पारित किया था, जबकि 30 जुलाई को लोकसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी। दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब इसकी अंतिम संवैधानिक प्रक्रिया राष्ट्रपति की मंजूरी है।
कानून बनने के बाद क्या बदलेगा?
विधेयक कानून बनने के बाद राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के समान कानूनी संरक्षण मिलेगा।
प्रस्तावित कानून के तहत:
- वंदे मातरम् का अपमान दंडनीय अपराध होगा।
- राष्ट्रीय गीत के दौरान बाधा डालना या किसी को इसे गाने से रोकना भी अपराध माना जाएगा।
- उल्लंघन करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान होगा।
आधिकारिक कार्यक्रमों में पहले बजेगा वंदे मातरम्
विधेयक में राष्ट्रीय गीत के सभी छह छंदों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप, जिन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों प्रस्तुत किए जाएंगे, वहां पहले वंदे मातरम् और उसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा। दोनों के दौरान उपस्थित लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना होगा।
गृह राज्य मंत्री ने पेश किया था बिल
यह विधेयक 24 जुलाई को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में पेश किया था। सरकार का कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय गीत की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए इस कानून की आवश्यकता है।
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
वंदे मातरम् बिल पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही 31 जुलाई की सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।