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चारधाम की तरह अब कैंची धाम में भी पंजीकरण की तैयारी, मोबाइल एप से होगा रजिस्ट्रेशन

नैनीताल के कैंची धाम में बढ़ती भीड़ और जाम की समस्या के समाधान हेतु कुमाऊं आयुक्त ने प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने पर चर्चा की है।

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||3 min read|Updated 5 days ago
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चारधाम की तरह अब कैंची धाम में भी पंजीकरण की तैयारी, मोबाइल एप से होगा रजिस्ट्रेशन

वंदे न्यूज़ संवाददाता नैनीताल, कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और गंभीर होती जाम की समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल शुरू हो गई है।

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों और पर्यटन कारोबारियों के साथ बैठक कर धाम में प्री-रजिस्ट्रेशन (पूर्व पंजीकरण) व्यवस्था शुरू करने पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने डीएम और एसएसपी को इस संबंध में तत्काल शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।


इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में संचालित होटल और होमस्टे का नियमित निरीक्षण करने, रेस्टोरेंट में दर-सूची (रेट लिस्ट) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने और वीकेंड पर प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीमों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


श्रद्धालुओं का बढ़ता दबाव बड़ी चुनौती

कैंची धाम में श्रद्धालुओं का बढ़ता दबाव एक बड़ी चुनौती बन चुका है। बीते तीन दिवसीय वीकेंड पर हज़ारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। 'दैनिक जागरण' ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था और दो वर्ष पूर्व सरकार के निर्देशों के बावजूद पंजीकरण व्यवस्था शुरू न होने की ख़बर प्रकाशित की थी।


मंगलवार को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जिला विकास प्राधिकरण सभागार में प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागीय अधिकारियों और पर्यटन कारोबारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त ने प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने को लेकर सभी से सुझाव मांगे, जिस पर सभी ने सहमति जताई।


बैठक में तय किया गया कि मंदिर में प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं को प्रवेश देने की सीमा निर्धारित की जा सकती है। मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।



इस प्रकार लागू होगी प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था

  • चारधाम यात्रा की तर्ज पर एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा।
  • पोर्टल बनने के प्रारंभिक चरण में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
  • श्रद्धालु पोर्टल और संबंधित मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे।
  • व्यवस्थाओं के आधार पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या (क्षमता) तय की जाएगी।
  • निर्धारित क्षमता पूरी होते ही उस दिन के लिए पंजीकरण स्वतः बंद हो जाएंगे।
  • मुख्य एंट्री पॉइंट पर वैध बुकिंग दिखाने के बाद ही श्रद्धालुओं को कैंची धाम की ओर जाने की अनुमति मिलेगी।


श्रद्धालुओं से लूट पर अंकुश का उठा मामला

बैठक में होटल और होमस्टे की ओर से मनमाना किराया वसूलने, दुकानों व रेस्टोरेंटों में प्रसाद और सामान महंगा बेचने, टैक्सी व दुपहिया वाहनों से जाम लगने तथा मंदिर के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।


इस पर आयुक्त ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिया कि रेस्टोरेंटों में रेट लिस्ट लगवाना अनिवार्य किया जाए और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही होटल व होमस्टे का औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए। उन्होंने अवैध रूप से किराये पर चल रहे दोपहिया व टैक्सी वाहनों पर कार्रवाई करने को कहा जो जाम का मुख्य कारण बनते हैं।


बैठक में आईजी निवेदिता कुकरेती, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी और एडीएम विवेक राय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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