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गंगा एक्सप्रेसवे: रोड उखड़ी, उद्घाटन के महज दो महीने बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

गंगा एक्सप्रेसवे को सोनिक टोल प्लाजा से जोड़ने वाली करीब सात मीटर लंबी लिंक रोड पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। उद्घाटन के केवल दो महीने बाद सड़क में आई इस खराबी ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य न होने को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।

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||3 min read|Updated 1 week ago
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गंगा एक्सप्रेसवे: रोड उखड़ी, उद्घाटन के महज दो महीने बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

गंगा एक्सप्रेसवे पर बशीरतगंज के पास सोनिक टोल को कानपुर-लखनऊ हाईवे से जोड़ने वाली करीब 7 मीटर लंबी लिंक रोड शुक्रवार को पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी को रोकने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षा कार्य नहीं किए गए, जिसके चलते बारिश के बाद सड़क का हिस्सा बह गया।


बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई से गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। उद्घाटन के महज दो महीने के भीतर सड़क के क्षतिग्रस्त होने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता पर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान भी इस तरह की आशंका जताई गई थी, लेकिन समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए।


मीडिया को कवरेज से रोकने का आरोप


घटना की जानकारी मिलने पर जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त सड़क की तस्वीरें व वीडियो लेने लगे, तो मरम्मत कार्य में लगी कार्यदायी संस्था के कुछ इंजीनियरों और कर्मचारियों ने उन्हें फोटोग्राफी करने से रोकने का प्रयास किया।


अधिकारियों का दावा था कि एक्सप्रेसवे पर मीडिया को फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है। हालांकि, जब उनसे इस संबंध में किसी लिखित आदेश या निर्देश की प्रति मांगी गई, तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। अधिकारियों का कहना था कि सड़क की मरम्मत की जा रही है, इसलिए तस्वीरें लेने की आवश्यकता नहीं है।


सवालों पर नहीं मिला जवाब


जब मौके पर मौजूद अधिकारियों से उनका नाम, पद और सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।


पहले भी सामने आई थीं खामियां


गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन से पहले भी सोनिक क्षेत्र की सर्विस लेन और मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क धंसने, मिट्टी बहने और रेलिंग क्षतिग्रस्त होने जैसी समस्याएं सामने आई थीं। इन कमियों को उजागर किए जाने के बाद निर्माण एजेंसी ने मरम्मत कराई थी और प्रधानमंत्री के लोकार्पण से पहले इन्हें ठीक करने का दावा किया गया था।


हालांकि, पहली ही बारिश में फिर से लिंक रोड के क्षतिग्रस्त होने से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या मरम्मत और निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया था। फिलहाल संबंधित एजेंसी सड़क की मरम्मत में जुटी हुई है, जबकि स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.


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