राम मंदिर चढ़ावा चोरी और NEET पेपर लीक पर विपक्ष का हंगामा, यूपी विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सपा और कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, NEET पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और किसानों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित।

वंदे न्यूज़ संवाददाता,लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव देखने को मिली। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, NEET पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज, किसानों की समस्याओं, बिजली के निजीकरण और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं, सदन की शुरुआत वरिष्ठ सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ हुई, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सुबह से ही विधानसभा परिसर में शुरू हुआ विरोध
मानसून सत्र के पहले दिन सुबह करीब 10:10 बजे से ही विपक्षी विधायक विधान भवन के पोर्टिको में एकत्र हो गए। करीब 45 मिनट तक चले प्रदर्शन के दौरान सपा और कांग्रेस के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए केवल चार दिन का सत्र चला रही है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को प्रमुखता से उठाया। सपा कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से टीन की दानपेटी लेकर विधानसभा पहुंचे और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में लगी तख्तियों पर कई नारे लिखे गए थे, जिनमें "श्रद्धा का रामधन, भाजपा ने किया गबन", "चढ़ावा चोरों गद्दी छोड़ो", "नीट है या चीट है", "68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू करो" और "भाजपा हटाओ, बिटिया बचाओ" जैसे नारे शामिल थे।
विपक्ष ने उठाए कई जनहित के मुद्दे
सपा विधायक डॉ. आर.के. वर्मा ने कहा कि सरकार जनता के सवालों से बच रही है। उनका कहना था कि यदि राम मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा नहीं हो पा रही है तो आम जनता की सुरक्षा पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में चढ़ावा चोरी, पेपर लीक, किसानों की खाद की समस्या, छात्रों पर कार्रवाई, आरक्षण, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगा।वहीं, सपा विधायक कमाल अख्तर ने किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिलने, बिजली के निजीकरण और विभिन्न विभागों में बजट लैप्स होने के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार इन सवालों से बचना चाहती है और मानसून सत्र कम से कम 15 दिन तक चलना चाहिए।
शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित हुई कार्यवाही
विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ हुई। सदन ने दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' के अलावा सपा के ओम प्रकाश सिंह, अतुल प्रधान, संग्राम यादव, डॉ. रागिनी सोनकर समेत कई विपक्षी विधायक मौजूद रहे।
