'समानता नहीं, मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश', UCC पर शाह के एलान के बाद ओवैसी का पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले 21 NDA राज्यों में UCC लागू करने के एलान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC का उद्देश्य मुसलमानों को निशाना बनाना है।

वंदे न्यूज़ नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 से पहले एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के एलान के बाद AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा पलटवार किया है।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC का उद्देश्य समानता लाना नहीं, बल्कि मुसलमानों को निशाना बनाना और गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपना है।
गोवा में लागू करकें दिखाएं
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के सहयोगी दलों की कोई स्वतंत्र राजनीतिक आवाज है। अगर वे (भाजपा) वाकई समान कानून के पक्षधर हैं, तो उत्तराखंड और गुजरात जैसा यूसीसी मॉडल गोवा में लागू करके दिखाएं।
UCC न तो आवश्यक है न ही वांछनीय
X पर की गई एक पोस्ट में ओवैसी ने कहा कि एनडीए सरकार द्वारा गठित विधि आयोग खुद यह निष्कर्ष निकाल चुका है कि भारत के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) "न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय"।
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा यूसीसी को समानता लाने के लिए नहीं, बल्कि मुसलमानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने इस कदम को संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का स्पष्ट उल्लंघन बताया।
ओवैसी ने जोर देकर कहा, "इस देश की आत्मा और मूल भावना बहुलवाद में बसी है।" इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा और आरएसएस वास्तव में गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने का प्रयास कर रहे हैं।
ओवैसी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करने पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ भाजपा यूसीसी की बात करती है, तो दूसरी तरफ उसके शासित राज्यों में ' डिस्टर्ब्ड एरियाज एक्ट' जैसे कानून लागू हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कानून हिंदुओं और मुसलमानों के बीच संपत्ति के स्वतंत्र हस्तांतरण और बिक्री पर रोक लगाते हैं।
अमित शाह ने क्या कहा था?
गौरतलब है कि ओवैसी की प्रतिक्रिया केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार वाले 21 राज्यों में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी।
अमित शाह ने कहा था कि कई राज्यों में यूसीसी लागू की जा चुकी है और उन्हें भरोसा है कि 2029 से पहले भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के शासन वाले सभी 21 राज्यों में इसे लागू कर दिया जाएगा।