शिवराज सिंह चौहान का कांग्रेस पर हमला, बोले- चुनाव आयोग नहीं, दिशाहीन नेतृत्व हार का जिम्मेदार
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की चुनावी हार को लेकर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने पंजाब और उत्तर प्रदेश में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाने की आलोचना की।

वंदे न्यूज़ नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की चुनावी हार को लेकर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा है। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी हार के लिए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि उसकी असफलता का कारण दिशाहीन नेतृत्व और आंतरिक गुटबाजी है।
चौहान ने कहा कि बार-बार चुनाव हारने के बाद प्रदर्शन करना कांग्रेस की आदत बन गई है। उनके मुताबिक, पार्टी का नेतृत्व देश और जनता की अपेक्षाओं को समझने में नाकाम रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को अपनी चुनावी स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने चाहिए।
पंजाब और उत्तर प्रदेश में गुटबाजी का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने पंजाब और उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के भीतर मतभेदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नेताओं के बीच खींचतान और उत्तर प्रदेश में प्रदेश नेतृत्व के समर्थकों के बीच मतभेद पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। चौहान के अनुसार, कई राज्यों में आंतरिक विवाद कांग्रेस की चुनावी चुनौतियों को बढ़ा रहे हैं।
चुनाव आयोग को लेकर विवाद
शिवराज सिंह चौहान का बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती रही है। वहीं, चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताएं और आयोग की भूमिका पर बहस जारी है। इन आरोपों के बीच कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों और संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।