'दो हफ्ते में सरेंडर करो', रेप केस में सजा पाए तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को रेप मामले में दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रेप के दोषी और तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को सरेंडर करने का निर्देश दिया और कहा कि उन्हें दो हफ्ते के अंदर ऐसा करना होगा
63 साल के पूर्व पत्रकार ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और दावा किया है कि वे पीड़ित हैं। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और इस मामले में तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है।
यह मामला एक महिला पत्रकार के आरोपों से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि 2013 में पणजी में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान 7 और 8 नवंबर को तेजपाल ने होटल की लिफ्ट में उनके साथ यौन उत्पीड़न किया था। इन आरोपों के चलते तेजपाल को 30 नवंबर 2013 को गिरफ्तार किया गया था।
29 सितंबर 2017 को उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए, जिनमें बलात्कार, यौन उत्पीड़न और गलत तरीके से बंधक बनाना शामिल था। हालांकि, उन्होंने खुद को निर्दोष बताया।
मई 2021 में गोवा सेशंस कोर्ट ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामले को बिना किसी उचित संदेह के साबित करने में नाकाम रहा। इसके बाद गोवा सरकार ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में इस बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी।
