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'मेरा कोई लेना-देने नहीं, तो जवाब क्यों दूं', दिशा सालियन केस में नाम सामने आने पर बोले आदित्य ठाकरे

आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान की मौत से खुद को जोड़ने वाले आरोपों को खारिज किया है।

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||3 min read|Updated 1 month ago
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'मेरा कोई लेना-देने नहीं, तो जवाब क्यों दूं', दिशा सालियन केस में नाम सामने आने पर बोले आदित्य ठाकरे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियन की मौत से खुद को जोड़ने वाले आरोपों को खारिज कर दिया।


साथ ही सवाल किया कि उन्हें इन आरोपों का जवाब क्यों देना चाहिए? बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा CBI को सालियन की मौत की जांच करने का निर्देश देने के बाद उनक यह बयान सामने आया है।


मुझे बदनाम करने की कोशिश: आदित्य ठाकरे


पत्रकारों से बात करते हुए, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने कहा, 'इसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है और मैंने इसके बारे में कभी सोचा भी नहीं है। मुझे इस पर जवाब क्यों देना चाहिए? BJP हर किसी को बदनाम करने की कोशिश करती है। उन्होंने सालों तक राहुल

गांधी को 'पप्पू' साबित करने की कोशिश की है।'


उन्होंने आगे कहा, 'वे पिछले छह सालों से मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जो कोई भी BJP को चुभता है, उन्हें उससे दिक्कत होती है। जैसा कि मैंने कहा, जब किसी चीज से आपका कोई लेना-देना न हो, तो उस पर क्यों बोलें या उसे कोई महत्व क्यों दें? यही मेरा स्टैंड है।'


मंत्री नितेश राणे का आरोप 


इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा था कि अगर ठाकरे और इस मामले में नाम आए अन्य लोगों का सालियन की मौत से कोई लेना-देना नहीं है, तो उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। राणे ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही यह बात कही है कि सालियन की मौत को आत्महत्या नहीं माना जाना चाहिए।


उन्हें भरोसा है कि CBI की जांच से सच्चाई सामने आएगी। 'हम पहले दिन से ही कह रहे थे कि यह आत्महत्या नहीं थी, यह हत्या का मामला था। और अब ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। अब CBI की जांच शुरू होगी और FIR दर्ज की जाएगी।'


उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच में सबूत मिटाने और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। मेरी बस यही उम्मीद है कि हमारी बहन दिशा सालियन के साथ जो गलत हुआ और जिस तरह से सबूत और गवाहियों को मिटाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया गया, वे सभी बातें अब सामने आएंगी। आखिर में, आप सच को कितना भी छिपाने की कोशिश करें, वह सामने आ ही जाता है।'


बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश


यह बयान बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसमें CBI को FIR दर्ज करने और सालियन की मौत से जुड़े हालात की गहन जांच करने को कहा गया था। कोर्ट ने मालवणी पुलिस स्टेशन को भी संबंधित रिकॉर्ड CBI को सौंपने का निर्देश दिया।


हाई कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के सामने लगाए गए आरोपों के आधार पर ही किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा, 'किसी को तब तक आरोपी नहीं माना जाएगा जब तक कि जांच अधिकारी की राय में, जांच के दौरान इकट्ठा किए गये सबूत के आधार पर उसके खिलाफ शक पैदा करने के लिए पर्याप्त आधार न हों।'


नहीं मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट 


CBI से कहा गया है कि वह जांच के लिए अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जांच में कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है, तो CBI को सक्षम कोर्ट के सामने उचित समरी रिपोर्ट दाखिल करनी चाहिए।


हाई कोर्ट ने पहले सालियान के परिवार के आरोपों के बावजूद एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज करने पर चिंता जताई थी। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि उनकी मौत के सालों बाद भी परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ADR की कॉपियां नहीं दी गई थीं। 


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