PM मोदी का वीडियो हटाने पर Meta पर सख्त केंद्र, कहा- भारत में अमेरिकी कानून नहीं चलेगा
PM मोदी के वीडियो विवाद के बीच केंद्र सरकार ने Meta को भारतीय कानूनों का पालन करने की नसीहत दी। एल्गोरिदम, कंटेंट मॉडरेशन और WhatsApp पर भी चर्चा हुई।

वंदे न्यूज़ संवाददाता, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाए जाने के विवाद के बाद केंद्र सरकार और Meta के बीच बातचीत का दौर जारी है। सरकार ने कंपनी को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों के अनुसार ही संचालित होंगे, किसी दूसरे देश के नियम यहां लागू नहीं किए जा सकते।
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, Meta की ग्लोबल टीम अगले कुछ दिनों तक भारत में रहकर सरकारी अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें करेगी। इन बैठकों में कंपनी के संचालन, एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
भारतीय कानूनों के पालन पर सरकार की सख्ती
केंद्र सरकार Meta से यह जानना चाहती है कि उसके एल्गोरिदम, कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम, नियमों के पालन की प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय किस तरह काम करते हैं। सरकार विशेष रूप से बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM), डीपफेक सामग्री और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट से निपटने के लिए अपनाई जा रही तकनीकों की भी जानकारी मांग रही है।
सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों और नियमों के तहत ही काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हर डिजिटल प्लेटफॉर्म की समाज और कानून के प्रति जवाबदेही तय है और सभी तकनीकी पहलुओं को समझना आवश्यक है।
IT मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे बैठक
रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव Meta की ग्लोबल टीम से मुलाकात करेंगे। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के अधिकारी कंपनी की तकनीकी टीमों के साथ अलग-अलग बैठकों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी रखेंगे।
WhatsApp और अन्य प्लेटफॉर्म भी चर्चा के दायरे में
सरकार और Meta के बीच होने वाली बैठकों में WhatsApp से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा केंद्र सरकार X (पूर्व में ट्विटर) और Telegram समेत अन्य प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी लगातार संवाद बनाए हुए है, ताकि भारतीय कानूनों और डिजिटल सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।