Vande News
DelhiBreaking

जंतर-मंतर प्रदर्शन में FRS कैमरों से 2,000 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान, दिल्ली पुलिस की निगरानी तेज

जंतर-मंतर पर CGP प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने FRS कैमरों से 2,000 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की। हिंसा की जांच और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी।

V
Vande News
||2 min read|Updated 3 weeks ago
Share:
जंतर-मंतर प्रदर्शन में FRS कैमरों से 2,000 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान, दिल्ली पुलिस की निगरानी तेज

वंदे न्यूज़ संवाददाता, नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CGP प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का सहारा लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस तकनीक की मदद से अब तक 2,000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है। इन सभी व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और उनकी भूमिका की अलग से जांच की जा रही है।

FRS कैमरों से हो रही लगातार निगरानी


जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगाए गए FRS कैमरे लगातार भीड़ की निगरानी कर रहे हैं। कैमरों से प्राप्त तस्वीरों का मिलान दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से किया जा रहा है, ताकि किसी भी वांछित या संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


करीब 10 हजार लोग मौजूद, 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात


दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास प्रतिदिन लगभग 10,000 लोगों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और गश्त भी बढ़ा दी गई है।


हिंसा के मामलों की जांच तेज

प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में 130 पुलिसकर्मी और लगभग 65 छात्र घायल हुए हैं। पुलिस अब तक 15 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। जांच एजेंसियां वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और FRS से मिले डेटा के आधार पर हिंसा और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर रही हैं।


आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की भूमिका की होगी अलग जांच


पुलिस सूत्रों का कहना है कि FRS से मिली जानकारी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिन लोगों की पहचान पहले से आपराधिक मामलों में दर्ज रिकॉर्ड के साथ हुई है, उनकी गतिविधियों और प्रदर्शन में उनकी संभावित भूमिका की अलग से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी की हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था भंग करने में संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


तकनीक से मजबूत हो रही सुरक्षा व्यवस्था


दिल्ली पुलिस का मानना है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, साक्ष्य जुटाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से जांच प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

Share:
V
Vande News

Reporter at Vande News

View all articles →