नोएडा स्कूल में कथित IAS प्रतिनिधि का विरोध, थाना प्रभारी संजय सिंह ने संभाला मामला
स्थानीय लोगों ने स्कूल में बार-बार आने का विरोध किया, तनाव बढ़ने पर सूरजपुर थाना प्रभारी संजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।

वंदे न्यूज़ नोएडा , नोएडा के एक सरकारी स्कूल में कथित तौर पर निरीक्षण के लिए पहुंचे सौरव दास को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि दास स्वयं को IAS प्रतिनिधि बताते हुए स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। हालांकि, उनकी भूमिका और किसी आधिकारिक नियुक्ति की स्वतंत्र पुष्टि इस समय नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सौरव दास के स्कूल पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों ने कथित तौर पर उनसे स्कूल में बार-बार नहीं आने और बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी पैदा न करने की बात कही। विरोध के दौरान मौके पर मौजूद लोगों और दास के साथ आए लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
घटना से जुड़े सामने आए वीडियो में सौरव दास कुछ समय बाद पीछे हटते हुए नजर आते हैं, जबकि उनके साथ मौजूद कुछ लोग आगे की ओर बढ़ते दिखाई देते हैं। इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच कहासुनी और विरोध की स्थिति बनी रही। मामले को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद सूरजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी संजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और स्थिति को शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी के बाद मामला नियंत्रण में आया और मौके पर तनाव कम हुआ।
स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्कूल परिसर में बाहरी लोगों की गतिविधियों और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, घटना से जुड़े अन्य पक्षों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद यह मामला चर्चा में है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोपों को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। सौरव दास की कथित पहचान, स्कूल में निरीक्षण के उद्देश्य और उनकी आधिकारिक स्थिति से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
पुलिस द्वारा मौके पर स्थिति संभाले जाने के बाद मामला शांत हो गया। घटना को लेकर आगे किसी आधिकारिक बयान या जांच की जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे मामले को आरोप और दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।