गाजियाबाद में 150 करोड़ की संपत्ति बनी हत्या की वजह, बेटे ने पिता को मारीं 7 गोलियां; 2018 में भाई पर भी किया था जानलेवा हमला
गाजियाबाद के मोदीनगर में 150 करोड़ की संपत्ति विवाद में बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी पहले भी 2018 में अपने छोटे भाई पर जानलेवा हमला कर चुका था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

वंदे न्यूज़ संवाददाता,मोदीनगर (गाजियाबाद) : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र स्थित बुदाना गांव में संपत्ति विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर हुए विवाद में बेटे ने कथित तौर पर अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान हरिओम नेहरा के रूप में हुई है। आरोप है कि उनका बड़ा बेटा निखिल नेहरा लंबे समय से पारिवारिक संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। इसी मुद्दे को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था।
नशे की हालत में घर पहुंचा, फिर हुआ विवाद
बताया गया कि बुधवार रात करीब 10 बजे निखिल नशे की हालत में घर पहुंचा। घर के बाहर खड़े पिता हरिओम ने उसे टोका, जिसके बाद दोनों के बीच संपत्ति को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शोर सुनकर हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू भी मौके पर पहुंचे और विवाद शांत कराने की कोशिश की।
इसी दौरान आरोप है कि निखिल ने अपनी पिस्टल निकालकर हरिओम पर ताबड़तोड़ सात राउंड फायरिंग कर दी। गोलियां सिर, सीने और गले में लगने से हरिओम गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
2018 में छोटे भाई पर भी किया था हमला
परिजनों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब निखिल पर परिवार के सदस्य पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा हो। वर्ष 2018 में उसने अपने छोटे भाई नीशू नेहरा को भी गोली मार दी थी। गोली नीशू के पेट में लगी थी, लेकिन समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। उस समय इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया था।
संपत्ति के बंटवारे से था असंतुष्ट
परिवार के अनुसार, हरिओम ने अपने पिता से मिली संपत्ति का मौखिक रूप से तीन हिस्सों में बंटवारा किया था। इसमें निखिल को 25 बीघा जमीन और दो दुकानें दी गई थीं, जबकि बाकी संपत्ति छोटे बेटे और स्वयं हरिओम के हिस्से में रखी गई थी। हालांकि किसी भी हिस्से का औपचारिक बैनामा नहीं कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि निखिल पूरी संपत्ति अपने नाम करवाना चाहता था। हरिओम को आशंका थी कि यदि संपत्ति उसके नाम कर दी गई तो वह उसे बेच सकता है, इसलिए उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।नई जमीन को लेकर भी चल रहा था विवाद बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले हरिओम ने बुदाना रोड पर पांच बीघा जमीन खरीदी थी, जहां वह बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना बना रहे थे। वहीं निखिल उस जमीन पर कॉलोनी विकसित करना चाहता था। इसे लेकर भी परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। मृतक की पत्नी मीनाक्षी की शिकायत पर आरोपी निखिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
