गौलापार जू सफारी को मिली नई रफ्तार, 270 करोड़ की प्राथमिक परियोजना रिपोर्ट तैयार
हल्द्वानी के गौलापार जू सफारी प्रोजेक्ट को नई गति मिली है। 270 करोड़ रुपये की प्राथमिक परियोजना रिपोर्ट (PPR) वन विभाग को सौंप दी गई है। 10 साल से लंबित इस परियोजना की डीपीआर अगस्त 2026 तक तैयार होने का लक्ष्य है।

वंदे न्यूज़ संवाददाता,हल्द्वानी : उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित गौलापार में प्रस्तावित जू सफारी परियोजना को करीब 10 साल बाद नई गति मिलती दिखाई दे रही है। निर्माण एजेंसी ब्रिडकुल (BRIDCUL) ने लगभग 270 करोड़ रुपये की प्राथमिक परियोजना रिपोर्ट (पीपीआर) तैयार कर वन विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट के परीक्षण के बाद इसे शासन के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
करीब 412 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस जू सफारी परियोजना के लिए ब्रिडकुल ने आधुनिक सैटेलाइट आधारित तकनीक से भूमि का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। अब शासन से प्राथमिक रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
अगस्त तक डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य
ब्रिडकुल अधिकारियों के अनुसार, पीपीआर स्वीकृत होने के बाद परियोजना लागत का 2 प्रतिशत यानी लगभग 5.4 करोड़ रुपये डीपीआर तैयार करने के लिए जारी किए जाएंगे। एजेंसी का लक्ष्य अगस्त 2026 के अंत तक डीपीआर तैयार करना है, ताकि निर्माण कार्य की दिशा में अगला चरण शुरू किया जा सके।
10 वर्षों से लंबित है परियोजना
गौलापार जू सफारी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी। उस समय इसे अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जिसे बाद में जू सफारी का नाम दिया गया।
परियोजना के तहत 14.52 करोड़ रुपये की लागत से 13 किलोमीटर लंबी चारदीवारी भी बनाई गई थी। हालांकि, वर्ष 2021 में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की आपत्तियों के कारण परियोजना रुक गई थी।
इसके बाद 2022 में मंत्रालय ने वन्यजीव कॉरिडोर प्रभावित न होने की शर्त के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी।
2026 में बदली गई निर्माण एजेंसी
वर्ष 2024 में ब्रेथेवट कंपनी को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन आवश्यक बजट जारी न होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद मई 2026 में निर्माण एजेंसी बदलकर ब्रिडकुल को जिम्मेदारी सौंप दी गई, जिसने अब प्राथमिक परियोजना रिपोर्ट तैयार कर वन विभाग को सौंप दी है।
यदि शासन से समय पर मंजूरी मिलती है, तो लंबे समय से अटकी गौलापार जू सफारी परियोजना जल्द ही निर्माण चरण में प्रवेश कर सकती है।
