6 महीने पहले इंस्पेक्टर से DSP बने नरेंद्र सिंह की बाराबंकी में थी पहली तैनाती, एक्सप्रेसवे हादसे में गई जान।
एक्सप्रेस-वे पर DSP की मौत, क्रेटा कार ट्रक में घुसी:6 महीने पहले इंस्पेक्टर से प्रमोट हुए, बाराबंकी में पहली तैनाती मिली थी

वंदे न्यूज़ संवाददाता इटावा , यूपी के इटावा में सड़क हादसे में घायल DSP की इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर उनकी क्रेटा कार बेकाबू होकर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी थी। दर्दनाक हादसे में DSP नरेंद्र सिंह (55) और उनके गनर (कॉन्स्टेबल) योगेंद्र सिंह गंभीर घायल हो गए थे।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए, बोनट चकनाचूर हो गया और गाड़ी के पुर्जे एक्सप्रेस-वे पर बिखर गए। हादसे के बाद DSP और गनर कार के अंदर ही बुरी तरह फंस गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार के दरवाजे काटकर दोनों को बाहर निकाला।
दोनों घायलों को आनन-फानन में सैफई पीजीआई (PGI) में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार देर रात DSP ने दम तोड़ दिया। हादसा जिला मुख्यालय से 47 किमी दूर ऊसराहार थाना क्षेत्र के कौवा रमपुरा गांव के पास हुआ।
मृतक DSP मूल रूप से नोएडा के रहने वाले थे। 6 महीने पहले ही वे इंस्पेक्टर से प्रमोट होकर DSP बने थे। प्रमोशन के बाद बाराबंकी में उनकी यह पहली तैनाती थी। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। वहीं, घायल गनर की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

लखनऊ से मुजफ्फरनगर जा रहे थे सीओ, गरन कार चला रहा था
- बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया- नरेंद्र सिंह मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के बरौला में सेक्टर-49 के रहने वाले थे। परिवार बरौला में ही रहता है। एसपी कार्यालय में तैनात थे और सरकारी क्वार्टर में रहते थे। शनिवार को किसी काम से गनर के साथ मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुए थे। क्रेटा कार (UP 16 FH 0027) गनर चला रहा था। DSP बगल वाली सीट पर बैठे थे। ऊसराहार के पास रात 8 बजे हादसे का शिकार हो गए।
- प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक से टक्कर के बाद कार के इंजन के पार्ट्स गनर और सीओ को लग गए। गाड़ी कबाड़ में तब्दील हो गई। ट्रक ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया। सूचना पर एक्सप्रेस-वे सुरक्षा कर्मचारियों और ऊसराहार पुलिस पहुंची। दोनों को बाहर निकाला। एंबुलेंस से सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय भेजा, जहां दोनों का इलाज चल रहा था। रविवार देर रात करीब 11.20 बजे इलाज के दौरान DSP मौत होगई।
- अब तक की जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त तेज बारिश हो रही थी। इस वजह से विजिबिलिटी काफी कम थी। आगे चल रहे वाहन ठीक से दिखाई नहीं दे रहे थे। अचानक ट्रक चालक ने रफ्तार कम कर दी। इस वजह से पीछे करीब 100-110 kmph की रफ्तार में चल रहे क्रेटा कार के ड्राइवर को ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला।

मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
DSP की मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सैफई भूपेंद्र सिंह राठी पुलिस टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव को विश्वविद्यालय स्थित शवगृह में रखवा दिया। पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर तक पंचनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। सीओ के भाई और दो बेटियां भी रविवार को सैफई पहुंच गई हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
