दिल्ली में जलभराव का जायजा लेने DTC बस से निकलीं CM रेखा गुप्ता, बोलीं- विकास फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए
दिल्ली में भारी बारिश के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने DTC बस से रोहिणी और जलभराव प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को ड्रेनेज, सड़क मरम्मत और सफाई कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

वंदे न्यूज़ संवाददाता,नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बस में सफर कर रोहिणी और आसपास के जलभराव प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों, ड्रेनेज व्यवस्था और सफाई कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को जलनिकासी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों, प्रमुख सड़कों, सड़क किनारे जमा कूड़े-कचरे और मलबे की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान किसी भी इलाके में जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए और इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए।
टूटी सड़कों और गड्ढों की मरम्मत को प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजधानी की सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि दिल्ली की पहचान भी हैं। इसलिए उनकी समय पर मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
'विकास फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार विकास कार्यों की समीक्षा केवल फाइलों के आधार पर नहीं करेगी, बल्कि हर महत्वपूर्ण परियोजना का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा,
"विकास फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए। दिल्लीवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम और सुंदर राजधानी देना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
लैंडफिल साइटों का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर की लैंडफिल साइटों पर चल रहे कचरा निस्तारण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कूड़े के पहाड़ हटाने के अभियान में तेजी लाने और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
रोहिणी में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने रोहिणी स्थित डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता बनाए रखने और तय समयसीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी करने पर जोर दिया।