आज केंद्रीय मंत्रियों से मिलेगी CJP की टीम, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होगी अहम बैठक
दिल्ली में CJP के एक महीने से जारी प्रदर्शन के बीच आज केंद्रीय मंत्रियों और CJP नेताओं की कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अहम बैठक होगी। नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा संभव।

वंदे न्यूज़ संवाददाता, नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब एक महीने से जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन आज समाप्त हो सकता है। इसकी वजह यह है कि CJP के नेताओं की आज केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में संगठन की प्रमुख मांगों, विशेष रूप से नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर चर्चा होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, CJP प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्रियों के बीच यह बैठक दोपहर 12:30 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि बातचीत के नतीजों के आधार पर संगठन अपने आंदोलन के भविष्य को लेकर फैसला ले सकता है।
एक महीने से जारी है प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले लगभग एक महीने से नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में समर्थक भी उनके साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े
अभिजीत दीपके ने कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता को सकारात्मक पहल माना जा रहा है और इससे समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया है, जिसके बाद उन्होंने अपना उपवास खत्म करने का निर्णय लिया।
प्रदर्शन के दौरान हुई थी हिंसा
जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए थे, जब कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव और कांच की बोतलें फेंकी थीं। इस घटना में दिल्ली पुलिस के दो एसीपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई थी।
अब सभी की नजरें आज होने वाली बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो पिछले एक महीने से जारी यह आंदोलन समाप्त हो सकता है।