CJP ने जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन, तीन प्रमुख मांगें रखीं; सरकार ने धरना समाप्त करने की अपील की
CJP ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सोनम वांगचुक की रिहाई और NEET 2026 पेपर लीक पीड़ितों के परिजनों को मुआवजे की मांग उठाई। सरकार ने प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की।

वंदे न्यूज़ संवाददाता , नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के बाद संगठन ने कहा कि सरकार की ओर से उनकी बातें सुनी गई हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। वहीं, सरकार की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की गई।
CJP ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि NEET 2026 पेपर लीक, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में उचित कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग भी दोहराई।
ज्ञापन में क्या कहा गया?
संगठन के अनुसार, 6 जून से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किए गए थे, जबकि 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। CJP ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन से जुड़े और 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं।
ज्ञापन में NEET 2026 पेपर लीक का उल्लेख करते हुए संगठन ने दावा किया कि इस घटना से कई छात्र प्रभावित हुए और सरकार को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
CJP की तीन प्रमुख मांगें
- सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या पद से हटाया जाना।
- NEET 2026 पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या के मामलों में मृतक छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
'अभी कोई अंतिम आश्वासन नहीं मिला'
CJP प्रतिनिधि सौरव दास ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष सभी मांगें विस्तार से रखीं। उनके अनुसार, मंत्री ने मामले को उचित स्तर पर उठाने का भरोसा दिया है, लेकिन अभी तक किसी मांग पर अंतिम सहमति या औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। संगठन का कहना है कि मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।