बिहार कैबिनेट की 17 बड़े फैसलों पर मुहर, 16 मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल पर चलेंगे, 330 गृह रक्षकों की होगी तैनाती
बिहार कैबिनेट ने 17 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। 16 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल PPP मॉडल पर संचालित होंगे, 34 बाल गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षक नियुक्त किए जाएंगे और हेली-टूरिज्म योजना को भी मंजूरी मिली।

वंदे न्यूज़ संवाददाता, पटना : बिहार सरकार ने स्वास्थ्य, बाल सुरक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 16 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने, 34 बाल गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों की नियुक्ति और हेली-टूरिज्म योजना को विस्तार देने जैसे अहम फैसले लिए गए।
16 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल PPP मॉडल पर संचालित होंगे
कैबिनेट ने सात निश्चय-3 के तहत राज्य के 16 ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भी शामिल हैं, को PPP मॉडल पर संचालित करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी।
इस परियोजना के लिए चयनित ट्रांजैक्शन एडवाइजर एजेंसी को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) जारी करने तथा 8.27 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
सरकार का कहना है कि इस पहल से मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा, छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर रहेगा जोर
राज्य सरकार के अनुसार, निजी भागीदारी बढ़ने से चिकित्सा सेवाओं का बेहतर प्रबंधन होगा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा सकेगा। यह योजना 'सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन' कार्यक्रम के तहत लागू की जा रही है।
34 बाल गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षक तैनात होंगे
कैबिनेट ने किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत संचालित और प्रस्तावित 34 बाल गृहों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 330 गृह रक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है।
इनमें 23 पर्यवेक्षण गृह (बालक), एक पर्यवेक्षण गृह (बालिका), एक विशेष गृह और नौ सुरक्षित स्थान शामिल हैं। इस व्यवस्था पर सरकार का प्रतिवर्ष 14.53 करोड़ रुपये खर्च होगा।
सरकार का मानना है कि गृह रक्षकों की तैनाती से बाल गृहों की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी और वहां रहने वाले किशोरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
हेली-टूरिज्म योजना को मिली मंजूरी
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 के तहत हेलिकॉप्टर सेवा संचालित करने की मंजूरी भी दी है।
इस योजना के लिए प्रतिमाह 60 लाख रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) खर्च किए जाएंगे। निर्धारित अवधि के लिए 3.30 करोड़ रुपये तक की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्रदान की गई है।
वाल्मीकिनगर, राजगीर और मां मुंडेश्वरी का हवाई भ्रमण
योजना का पहला चरण 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक संचालित होगा। इस दौरान प्रत्येक शनिवार और रविवार को वाल्मीकिनगर, मां मुंडेश्वरी मंदिर और राजगीर के लिए हेलिकॉप्टर टूर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों को पटना शहर की स्काईलाइन का हेलिकॉप्टर जॉय राइड का भी अवसर मिलेगा।
