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बिहार की बेटी भावना कंठ ने रचा इतिहास, बनीं देश की पहली महिला ‘टॉप गन’

दरभंगा की भावना कंठ ने ग्वालियर में भारतीय वायुसेना का फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा कर इतिहास रचा। वह देश की पहली महिला ‘टॉप गन’ बनीं।

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||3 min read|Updated 1 week ago
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बिहार की बेटी भावना कंठ ने रचा इतिहास, बनीं देश की पहली महिला ‘टॉप गन’

वंदे न्यूज़ संवाददाता, दरभंगा : बिहार के दरभंगा की बेटी और भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने ग्वालियर स्थित भारतीय वायुसेना के टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TADCE) में फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस उपलब्धि के साथ वह देश की पहली महिला ‘टॉप गन’ बनी हैं।


पूरा किया वायुसेना का चुनौतीपूर्ण फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स


दरभंगा के घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव की रहने वाली भावना कंठ ने भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स को पूरा किया है। इस प्रशिक्षण में फाइटर पायलटों को उन्नत हवाई युद्ध, रणनीति, मिशन संचालन और नेतृत्व से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है।


इस कोर्स को पूरा करने के बाद भावना अब हवाई युद्ध अभियानों में नेतृत्व की भूमिका निभाने में सक्षम होंगी। ‘टॉप गन’ किसी आधिकारिक रैंक का नाम नहीं है, बल्कि कठिन फाइटर कॉम्बैट लीडर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चुनिंदा पायलटों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रतिष्ठित पहचान है।


TADCE में दी जाती है उन्नत युद्धक ट्रेनिंग


ग्वालियर स्थित TADCE भारतीय वायुसेना के प्रमुख फाइटर टैक्टिक्स संस्थानों में से एक है। यहां चयनित फाइटर पायलटों को हवाई युद्ध की उन्नत रणनीति, मिशन प्लानिंग और नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है।


प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारी आगे अपने स्क्वाड्रन में युद्धक रणनीति तैयार करने और अन्य पायलटों को प्रशिक्षित करने में भी भूमिका निभाते हैं।


बेगूसराय से हुई भावना की शुरुआती पढ़ाई


भावना कंठ के पिता तेजनारायण कंठ और माता राधा देवी हैं। भावना ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बेगूसराय से की और 12वीं तक की शिक्षा वहीं पूरी की। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए कोटा चली गईं।


लगन और मेहनत के दम पर उन्होंने भारतीय वायुसेना में जगह बनाई। वायुसेना में चयन के बाद कठिन प्रशिक्षण पूरा कर वह देश की महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुईं।


बचपन में देखा था आसमान में उड़ने का सपना


भावना के पिता के मुताबिक, बचपन में वह पक्षियों को आसमान में उड़ते देखकर खुद भी उड़ने का सपना देखा करती थीं। परिवार ने हमेशा उनके लक्ष्य को हासिल करने के लिए उनका हौसला बढ़ाया।

बाद में भावना ने फाइटर विमान उड़ाकर अपने बचपन के सपने को साकार किया। मिग-21 उड़ाने से लेकर गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने तक, उनके करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं।


2016 में वायुसेना में शामिल हुई थीं भावना


भावना कंठ वर्ष 2016 में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर भारतीय वायुसेना में शामिल हुई थीं। जून 2016 में वह महिला फाइटर पायलटों के शुरुआती बैच का हिस्सा बनीं।


मार्च 2018 में उन्होंने मिग-21 से उड़ान भरी और मई 2019 में मिग-21 बाइसन पर डे ऑपरेशन कोर्स पूरा किया। अब FCL कोर्स पूरा कर उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

भावना कंठ की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव बाउर समेत पूरे मिथिलांचल और बिहार में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता देश की बेटियों के लिए भी प्रेरणा मानी जा रही है।

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