प्राधिकरण की अनदेखी से बरौला गांव बना नरक, मैन रोड पर प्रदर्शन हुआ अधिकारियों को सीओ के नाम सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने सड़क, सीवर, जलभराव और टूटी गलियों की समस्याओं को लेकर किया प्रदर्शन, अधिकारियों को मौके पर कराया निरीक्षण।

नोएडा: नोएडा प्राधिकरण की कथित अनदेखी और लंबे समय से लंबित मूलभूत समस्याओं के विरोध में रविवार को ग्राम बरौला के सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव की मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से गांव की सड़कें, सीवर, नालियां और जलभराव जैसी समस्याओं की लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्राधिकरण की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि बदहाल सड़कों और गंदगी के कारण गांव की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नोएडा प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर आर.के. शर्मा, सीनियर मैनेजर रोहित सिंह और सीनियर मैनेजर पी.सी. सैन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को एलिवेटेड रोड के नीचे स्थित मुख्य मार्ग, जूस कॉर्नर से डीएससी रोड होते हुए चौहान चौपाल तक की सड़क, गांव की गलियों, सीवर लाइनों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कराया।
ग्रामीणों के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टूटी सड़कें, कीचड़, गंदा पानी और अव्यवस्थित सीवर व्यवस्था को देखा।
सीईओ के नाम सौंपा गया ज्ञापन
निरीक्षण के बाद ग्रामीणों ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के लिए दो महीने का समय मांगा, लेकिन ग्रामीण तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों के साथ जल्द वार्ता कराने का आश्वासन दिया।
"गांव की हालत नरक जैसी हो गई है" — चौधरी बीसी प्रधान
भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण की अनदेखी के कारण बरौला गांव की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि गांव के बच्चे कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, महिलाएं और बुजुर्ग घरों से निकलने में परेशान हैं तथा जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण नोएडा प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सभी गांवों की समस्याओं के समाधान की मांग
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल बरौला गांव की समस्या नहीं है, बल्कि नोएडा के कई गांव इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक गांवों को शहर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान हरेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश गुर्जर, राजकुमार मोनू, चमन चौहान, आशीष चौहान, सुनील बैसोया, शिवकुमार, महेश बैसोया, पप्पू कश्यप, अंकुर कश्यप, सतेंद्र सिंह, उमेश चौहान सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
