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निक्की हत्याकांड में दोनों पक्षों में सुलह, बच्चों के नाम होगी प्रॉपर्टी; 9 महीने बाद कैसे सुलझा ये मामला?

निक्की भाटी हत्याकांड में मायके और ससुराल पक्ष के बीच सुलह हो गई है, जिसमें बच्चों के नाम संपत्ति करने और बहन कंचन के लिए प्लॉट खरीदने का फैसला हुआ है। दोनों पक्षों ने पंचायत के बाद चुप्पी साध ली है, जबकि मुख्य आरोपी पति विपिन भाटी अभी भी जेल में है।

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||3 min read|Updated 2 days ago
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निक्की हत्याकांड में दोनों पक्षों में सुलह, बच्चों के नाम होगी प्रॉपर्टी; 9 महीने बाद कैसे सुलझा ये मामला?

वंदे संवाददाता , ग्रेटर नोएडा। निक्की भाटी हत्याकांड के मामले में पंचायत में सुलह होने की खबर फैलने के बाद मायके पक्ष के साथ सुसराल पक्ष के लोगों ने चुप्पी साध ली है। पंचायत में मायके पक्ष के लोगों ने रुपवास गांव के ग्रामीणो को शामिल नहीं किया।


जिसकी वजह से ग्रामीणों भी नाराजगी है।


निक्की भाटी हत्याकांड के बाद लोगों में आक्रोश था। इंसाफ की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किए थे, उसी केस में अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक निक्की के परिजनों ने पंचायत के जरिए ससुराल पक्ष से समझौता कर केस वापस लेने का फैसला किया है।


बहन कंचन के लिए खरीदा प्लॉट


बताया जा रहा है कि बहन कंचन के लिए ससुराल पक्ष के लोगों ने रूपवास गांव में एक प्लाट भी खरीदा है। कंचन ससुराल जाने के बजाय रूपबास गांव में ही अपने पति के साथ रहने की चर्चा है। प्रॉपर्टी निक्की के बच्चों के नाम करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने सहमति दी है।


बता दें कि 21 अगस्त 2025 को सिरसा गांव में 26 वर्षीय निक्की भाटी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलाकर मौत हो गई थी। स्वजन ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष ने दहेज और घरेलू विवाद के चलते घटना को अंजाम दिया। मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने मुख्य आरोपित पति विपिन भाटी को 23 अगस्त 2025 को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।


इसके बाद सास दयावती, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित भाटी को भी जेल भेजा गया। हालांकि बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सास, ससुर और जेठ को जमानत मिल गई थी। मुख्य आरोपित पति विपिन भाटी फिलहाल जेल में है और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है।


एक महीने से चल रही थी दोनों पक्षों में बातचीत


बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच करीब 1 महीने से वार्ता चल रही थी। 20 दिन पहले पंचायत में समझौता हुआ निक्की के पिता भिखारी सिंह ने चुप्पी साध ली है। परिवार के अन्य सदस्य भी इस मामले को लेकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।


सूत्रों की माने तो पंचायत के फैसले के तहत बच्चों के नाम संपत्ति करने, परिवार को आर्थिक सहयोग देने और निक्की की बहन कंचन को दोबारा उसकी ससुराल में रखने पर सहमति बनी है। साथ ही किराये से होने वाली आय में भी हिस्सा देने की बात कही गई है।


कंचन के नाम से रूपवास गांव में एक प्लॉट भी खरीदा गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कंचन सिरसा गांव जाने के बजाय बच्चों के साथ रूपबास गांव में ही रहेगी



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