Vande News
NationalBreaking

यूपी में लावारिस जमीनों पर भू-माफिया का बड़ा खेल! फर्जी आधार बनाकर बेची करोड़ों की प्रॉपर्टी, तहसीलदार समेत 8 पर FIR

उत्तर प्रदेश के बदायूं में भू-माफिया ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर करोड़ों की लावारिस जमीन बेच दी। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर तहसीलदार समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

V
Vande News
||3 min read|Updated 2 weeks ago
Share:
यूपी में लावारिस जमीनों पर भू-माफिया का बड़ा खेल! फर्जी आधार बनाकर बेची करोड़ों की प्रॉपर्टी, तहसीलदार समेत 8 पर FIR

वंदे न्यूज़  बदायूं , तहसील की ग्राम पंचायत सुजावली में लावारिस पड़ी भूमि को भू-माफिया द्वारा फर्जी आधार कार्ड और फर्जी व्यक्ति खड़ा करके बेच दिया गया। ग्राम प्रशासक और भूमि प्रबंधक समिति अध्यक्ष ब्रह्मचारी ने न्यायालय के आदेश पर आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें पांच ग्रामीणों के साथ क्षेत्रीय लेखपाल अच्छेलाल, नायब तहसीलदार अनुराग और तत्कालीन तहसीलदार हरीश चंद्र भी नामजद किए गए हैं।


ग्राम प्रशासक ब्रह्मचारी के अनुसार, उनकी ग्राम पंचायत के मझरा पावड़ पुख्ता में कई ऐसी लावारिस भूमि पड़ी है, जिसके असली भू-स्वामी गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं या फिर उनकी मृत्यु हो चुकी है।


ऐसी जमीनों पर गांव के भू-माफिया कब्जा कर फर्जी बैनामा कराकर बेच रहे हैं। उन्हें ऐसे चार मामलों का पता चला। पहला मामला आरोपित कुंवरपाल पुत्र रूपराम निवासी पावड़ पुख्ता का है।

आरोप है कि उसने तीन गाटा संख्या की जमीन का अपनी मां रामस्नेही पत्नी रूपराम के नाम वर्ष 2022 में बैनामा कर दिया। आरोपित खातेदार राजपाल पुत्र हरनाम का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर कुंवरपाल से राजपाल बन गया था और यह बैनामा कर दिया। इस पर गांव के नेत्रपाल और लाला राम जो कुंवरपाल का सगा भाई है, उसे गवाह बनाया गया।


प्रशासक का आरोप है कि बैनामा निरस्त होने के बावजूद कुंवरपाल ने उसी गाटा संख्या का दोबारा से फर्जी बैनामा करा दिया लेकिन इस बार उसने अपने आप को राजपाल पुत्र हरनाम निवासी कुम्हरौआ जिला कासगंज बताकर आधार कार्ड में परिवर्तन कराया।


इसके बाद उस जमीन का बैनामा अंतरकली पत्नी रामफल निवासी ग्राम सिरकी दम्मू तहसील सहसवान के हक में कर दिया। इसमें खुद कुंवरपाल गवाह बना।

यह दूसरा बैनामा वर्ष 2025 में हुआ। इसकी शिकायत के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल अच्छेलाल, नायब तहसीलदार अनुराग और तहसीलदार हरीश चंद्र ने जानबूझकर उसका दाखिल खारिज कर दिया।

तीसरा मामला आरोपी लालाराम उर्फ लालू का है। उसने पावड़ पुख्ता में स्थित जमीन का गांव की सर्वेश कुमारी पत्नी राम सिंह को बैनामा कर दिया। उसने खातेदार भूपाल पुत्र डल्ली का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर जमीन बेची।


जब क्रेता सर्वेश कुमारी को पता चला कि विक्रेता फर्जी है, तो उन्होंने स्वयं फर्जी बैनामा निरस्त कराने काे सिविल जज सहसवान में मुकदमा दायर कराया गया, जो अभी भी विचाराधीन है।

चौथा मामला सबसे गंभीर है। आरोपित लालाराम उर्फ लालू ने सहसवान-हरदत्तपुर मेन रोड से लगी हुई कीमती जमीन का बैनामा अपनी सगी पुत्रवधू रामादेवी पत्नी धर्मेंद्र को एक साल पहले कर दिया।

इसमें खातेदार राधेश्याम पुत्र दुर्गाप्रसाद निवासी अकबराबाद का फर्जी आधार कार्ड बनवाकर किसी दूसरे व्यक्ति को राधेश्याम बनाकर खड़ा कर दिया और जमीन का बैनामा कर दिया।

हैरानी की बात यह है कि इसकी भी दाखिल खारिज कर दी गई। इसमें थाना पुलिस से लेकर एसएसपी से तक शिकायत की गई लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। तब प्रशासन ने न्यायालय में मुकदमा दायर कराया।


अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुख्य आरोपित कुंवरपाल, लालाराम, नेत्रपाल निवासीगण पावड़ पुख्ता, लालाराम उर्फ लालू निवासी सुजावली, राजपाल पुत्र रामधुन निवासी कुम्हरौआ कासगंज, क्षेत्रीय लेखपाल अच्छेलाल, नायब तहसीलदार अनंगराज और तत्कालीन तहसीलदार हरीश चंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू कर दी है।

Share:
V
Vande News

Reporter at Vande News

View all articles →