महंगाई की एक और नई मार: रैपिडो का बढ़ा किराया, दोपहर में देना होगा डबल भुगतान; ₹70 वाली राइड 150 तक पहुंची
यात्रियों का कहना है कि सुबह जिन रूटों का किराया सामान्य रहता है, वही दोपहर में दोगुना तक पहुंच जाता है। कई इलाकों में 70-80 रुपये की राइड 150 रुपये तक दिखाई दे रही है।

राजधानी दिल्ली में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की रोजमर्रा की यात्रा पर भी भारी पड़ने लगी है। तेज धूप और हीटवेव के बीच ऑनलाइन बाइक टैक्सी सेवा रैपिडो के बढ़ते किराए और राइड उपलब्ध न होने से यात्री परेशान होने लगे हैं। खासतौर पर दोपहर के समय किराए में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जबकि छोटी दूरी तय करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहर में दोगुना किराया
यात्रियों का कहना है कि सुबह जिन रूटों का किराया सामान्य रहता है, वही दोपहर में दोगुना तक पहुंच जाता है। कई इलाकों में 70-80 रुपये की राइड 150 रुपये तक दिखाई दे रही है। इसके बावजूद लंबे समय तक राइड कन्फर्म नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि गर्मी और तेज धूप के कारण कई रैपिडो कैप्टन दोपहर के समय राइड लेने से बच रहे हैं।
छोटी दूरी देख कैंसिल कर देते हैं राइड
सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्हें केवल 2 से 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। यात्रियों का कहना है कि छोटी दूरी की राइड देखकर कई कैप्टन बार-बार राइड कैंसिल कर देते हैं। कई बार एक्स्ट्रा टिप जोड़ने के बावजूद भी राइड स्वीकार नहीं की जाती।
इन्हें हो रही अधिक दिक्कत
दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र और महिलाएं इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि तेज गर्मी में लंबे समय तक सड़क पर खड़े होकर इंतजार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। वहीं कई बार मजबूरी में लोगों को ऑटो या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिनका किराया भी अधिक होता है।
क्या बोले लोग
दोपहर में 2 किलोमीटर तक जाने के लिए रैपिडो आसानी से नहीं मिलती। कई कैप्टन राइड स्वीकार करने के बाद कैंसिल कर देते हैं। गर्मी में सड़क पर इंतजार करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। - राहुल कुमार
सुबह जिस रूट का किराया 70-80 रुपये होता है, वहीं दोपहर में 150 रुपये तक पहुंच जाता है। ऊपर से एक्सट्रा टिप देने के बाद भी राइड मिलने की गारंटी नहीं रहती है। - नेहा गुप्ता, ऑफिस कर्मचारी
छोटी दूरी की राइड देखकर कई कैप्टन आने से मना कर देते हैं। कई बार क्लास या जरूरी काम के लिए देर हो जाती है। गर्मी में यह समस्या और बढ़ गई है। -अमन वर्मा, कॉलेज छात्र
तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच लोग ऑनलाइन राइड पर निर्भर हैं, लेकिन दोपहर में किराया इतना बढ़ जाता है कि रोज यात्रा करना मंहगा पड़ने लगा है। -पूजा शर्मा, दैनिक यात्री