Vande News
Uttar PradeshBreaking

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण फोर्टिस नोएडा में किया गया, क्रोनिक हार्ट फेलियर से पीड़ित 56-वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन

पंचकुला से डोनर हार्ट पहुंचा नोएडा, 16 मिनट में 20-किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का फासला तय किया, सर्जिकल टीम ने मरीज को दिया नई जिंदगी का बेशकीमती उपहार

V
Vande News
||5 min read|Updated 1 week ago
Share:
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण फोर्टिस नोएडा में किया गया, क्रोनिक हार्ट फेलियर से पीड़ित 56-वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन

नोएडा, कार्डियाक केयर के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराते हुए, फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा क्षेत्र में पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण कर, 56-वर्षीय मरीज तपस कुमार डे को नया जीवनदान दिया है। इस शानदार उपलब्धि ने एक बार फिर अस्पताल की एक्पर्ट सर्जिकल दक्षता, चौबीसों घंटे क्लीनिकल तत्परता, और प्रशासनिक स्तर पर बेहतरीन तालमेल का परिचय दिया है। डॉ अजय कौल, चेयरमैन – कार्डियाक साइंसेज़, फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा के नेतृत्व में डॉक्टरों की मल्टीडिसीप्लीनरी टीम ने इस हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी को पूरा किया। 


मरीज श्री डे पिछले कई वर्षों से क्रोनिक हार्ट फेलियर से पीड़ित थे, जिसकी वजह से उन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता था और उन्हें सांस फूलने की गंभीर तकलीफ थी, जो कि दवाओं से नियंत्रित नहीं हो रही थी। ऐसे में यदि उनका तुरंत हार्ट ट्रांसप्लांट नहीं किया जाता तो उनके बचने की संभावना केवल 10% ही थी। उन्हें ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची में रखा गया था और इस बीच उनकी हालत स्थिर रखने के लिए डॉक्टरों ने उन्हें दवाओं पर रखा था, हालांकि बिना डोनर हार्ट के उनके बचने की संभावना काफी कम थी। 



इस बीच, पंचकुला में एक डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ लेकिन उसे नोएडा तक पहुंचाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। डोनर हार्ट को 2 से 3 घंटे के भीतर प्रत्यारोपित करना होता है, और इसे सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस, डॉक्टरों, ट्रांसप्लांट टीमों तथा नोटो (NOTTO) के बीच भरपूर तालमेल जरूरी होता है। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा पुलिस के सहयोग एवं तत्परता से एक ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया। डोनर हार्ट को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट तक हवाई मार्ग से पहुंचाया गया और गाजियाबाद एवं गौतम बुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस की सहायता से एक खास ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। इसमें हवाईअड्डा प्राधिकरणों तथा जिला प्रशासन का भी सहयोग लिया गया, तब कहीं जाकर फोर्टिस नोएडा तक की दूरी मात्र 16 मिनट में तय करना मुमकिन हुआ। 



हर बीतने वाला पल डोनर अंग (इस मामले में हृदय) की उपयोगिता पर असर डालता है, ऐसे में सर्जिकल टीम को डोनर हार्ट के फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा में पहुंचते ही तत्काल ऑपरेट करने के लिए तैयार रहना था। श्री डे को ओ.टी. में लाया गया और उन्हें डोनर हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया गया। अस्पताल में डोनर हार्ट पहुंचते ही, डॉक्टरों की टीम ने मरीज के रोगी हृदय को निकाला, जो काफी खराब हालत में था। इस बीच, डोनर हार्ट को सावधानीपूर्वक लगाया गया और मरीज की प्रमुख हृदय धमनियों के साथ इसे जोड़ा गया। मरीज के हृदय में रक्तप्रवाह की बहाली होना बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि था और डॉक्टरों की टीम ने पूरी निगरानी में इसे काम को किया। इस प्रत्यारोपित हृदय में रक्त प्रवाह और धड़कनें चालू होने तक पूरी सावधानीपूर्वक मरीज पर नज़र रखी गई। सर्जिकल टीम की दक्षता के चलते ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया एक घंटे में पूरी की गई। 



लेकिन हृदय प्रत्यारोपित करने पर केवल पहली बाधा ही पार होती है। श्री डे की मेडिकल हिस्ट्री और उनकी गुर्दों की परेशानी, उच्च रक्तचाप तथा हृदय की काफी गंभीर हालत की वजह से उन्हें तत्काल स्पेश्यलाइज़्ड इंटेंसिव केयर मैनेजमेंट में रखा गया। स्पेश्यलिस्ट टीम द्वारा चौबीसों घंटे मॉनीटरिंग ने उनके रक्तप्रवाह को स्थिर किया, आर्गेन रिकवरी में मदद की और समय पर उचित दवाओं आर्गेन रिजेक्शन से बचाव कर मरीज की सुगमतापूर्वक रिकवरी सुनिश्चित की। 


प्रत्यारोपित हृदय लगने की प्रक्रिया के बाद श्री तपस कुमार डे ने कहा, “जिंदगी का यह उपहार मिलना मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। मैं डोनर परिवार का हृदय से आभारी हूं जिनके परोपकार ने मुझे एक बार फिर अपना जीवन का सफर जारी रखने का मौका दिया। ऐसे समय में जबकि मैं और मेरा परिवार पूरी उम्मीद खो चुका था, डॉक्टरों की टीम ने अपना फर्ज निभाया और मुझे इतना कीमती उपहार दिया।”


डॉ अजय कौल, चेयरमैन – कार्डियाक साइंसेज़, फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा ने कहा, “श्री डे का हृदय इतना कमजोर पड़ चुका था कि उस पर किसी भी दवा या प्रक्रिया का असर नहीं हो सकता था, ऐसे में नया हृदय ही उन्हें जिंदा रखने का एकमात्र उपाया था। जैसे ही पंचकुला में डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ, हर मिनट कीमती हो चुका था और उसे मृतक के शरीर से निकालकर नोएडा में ऑपरेशन थियेटर तक पहुंचाना बहुत ही चुनौतीपूर्ण काम था। मुझे बेहद प्रसन्नता है कि यह सर्जरी सही ढंग से हुई और अब श्री डे स्वास्थ्यलाभ कर रहे हैं। हमारी टीम के लिए, यह केवल सर्जिकल सफलता नहीं है, बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि अब नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे शहरों तक नहीं जाना पड़ेगा।”



मोहित सिंह, रीजनल डायरेटर, फोर्टिस हॉस्पीटल नोएडा ने कहा, “पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नोएडा में पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण हमारे अस्पताल तथा इस क्षेत्र में मरीजों के लिए किसी गर्वीली उपलब्धि से कम नहीं है। यह केवल हमारे डॉक्टरों और क्रिटकल केयर स्टाफ, ट्रैफिक पुलिस और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और पंजाब एयरपोर्ट अधिकारियों के बीच समन्वय तथा टीमवर्क के चलते ही संभव हो पाया है जिन्होंने डोनर हार्ट को समय पर अस्पताल पहुंचाने में तत्परता का परिचय दिया। साथ ही, उस परिवार की हिम्मत तथा परोपकारिता की भावना भी सराहनीय है जिन्होंने अपने प्रियजन के अंगों को, दुःख की इस घड़ी में भी दान करने का बड़ा फैसला लिया। हम नोटो के सहयोग के लिए उनके आभारी हैं, और उन सभी का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने इस बड़े एवं महत्वपूर्ण काम को पूरा करने में हमें हर कदम पर सहयोग दिया।”

Share:
V
Vande News

Reporter at Vande News

View all articles →