Vande News
NationalBreaking

अंकिता भंडारी हत्याकांड: 4 साल बाद फिर क्यों गरमाया मामला? इंडिया गेट पर प्रदर्शन, परिजन हिरासत में

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल पर फिर विवाद, दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद परिवार का विरोध; इंडिया गेट से परिजन और कांग्रेस नेता हिरासत में।

V
Vande News
||3 min read|Updated 1 day ago
Share:
अंकिता भंडारी हत्याकांड: 4 साल बाद फिर क्यों गरमाया मामला? इंडिया गेट पर प्रदर्शन, परिजन हिरासत में

वंदे न्यूज़ ,नई दिल्ली। उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला करीब चार साल बाद एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। सितंबर 2022 में हुई हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन कथित VIP की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों और जारी जांच ने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है।


12 अक्टूबर 2026 को बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता ने इस फैसले पर आपत्ति जताई। परिवार की मांग है कि कथित VIP एंगल की CBI जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इसी मांग को लेकर 14 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया गया। 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।


क्या था अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को दोषी ठहराया गया और अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, अंकिता के परिवार का कहना है कि मामले में एक कथित VIP की भूमिका की भी पूरी जांच होनी चाहिए।



दुष्यंत कुमार गौतम का नाम विवाद में कैसे आया?

मामले में कथित VIP की पहचान को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। दिसंबर 2025 में सामने आए कुछ ऑडियो और वीडियो के आधार पर अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम कथित VIP से जोड़ने वाले आरोप लगाए। इसके बाद परिवार और विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले की विस्तृत जांच की मांग उठाई।

हालांकि, इन आरोपों को दुष्यंत कुमार गौतम ने खारिज किया है। उनके खिलाफ इस हत्याकांड में दोष सिद्ध होने की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।


राज्यपाल नियुक्ति के बाद क्यों बढ़ा विरोध?

12 अक्टूबर को गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से उन


की नियुक्ति पर रोक लगाने की अपील की। परिवार का कहना है कि कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक यह नियुक्ति आगे नहीं बढ़नी चाहिए।


14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इंडिया गेट पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। इसके बाद 15 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।


अब आगे क्या?

अंकिता के परिवार की मुख्य मांग कथित VIP एंगल की निष्पक्ष जांच और जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने की है। इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि सजा मिलने के बाद भी किसी आपराधिक मामले से जुड़े अनसुलझे सवालों का समाधान कितना जरूरी है। अब सबकी नजर CBI जांच और संबंधित अधिकारियों के अगले कदम पर है।

Share:
V
Vande News

Reporter at Vande News

View all articles →