Vande News
NationalBreaking

28 साल की उम्र में IAS, स्विट्जरलैंड में छोड़ी नौकरी; अंबिका रैना की सफलता का सीक्रेट और स्ट्रेटजी

आईएएस अंबिका रैना ने दृढ़ इच्छाशक्ति और सही रणनीति से यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की। यहां जानिए अंबिका रैना ने कैसे 28 साल की उम्र में UPSC क्लीयर किया।

V
Vande News
||3 min read|Updated 3 weeks ago
Share:
28 साल की उम्र में IAS, स्विट्जरलैंड में छोड़ी नौकरी; अंबिका रैना की सफलता का सीक्रेट और स्ट्रेटजी

वंदे न्यूज़ नई दिल्ली दिल्ली हमारे देश में संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) की परीक्षा सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। वहीं अगर आपके अंदर हर मुश्किल से लड़ने का जुनून हो तो कोई भी परीक्षा आपके इरादों को फेल नहीं कर सकती।

ऐसे ही इरादों के साथ आईएएस अधिकारी अंबिका रैना ने UPSC परीक्षा पास की। इसमें बड़ी बात यह है कि जहां उनके ग्रेजुएशन में यूपीएससी से जुड़े विषय नहीं थे, फिर भी उन्होंने तीसरे प्रयास में ही इस परीक्षा को पास कर लिया।


IAS अंबिका रैना के पिता मेजर जनरल

IAS अंबिका रैना के पिता भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर थे। इनके पिता की सेना में नौकरी के चलते कई बार ट्रांसफर होते थे, इसलिए इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के कई राज्यों से पूरी की।


अंबिका रैना गुजरात, पंजाब से लेकर तमिलनाडु में भी पढ़ चुकी हैं। अंबिका शुरुआत से ही पढ़ाई में काफी एक्टिव थीं और उनके परिवार ने भी हमेशा सपोर्ट किया। लिहाजा बार-बार स्कूल-कॉलेज बदलने के बाद भी उनका पढ़ाई से फोकस हटा नहीं।


IAS बनने के लिए छोड़ दी स्विट्जरलैंड में नौकरी

अंबिका रैना ने गुजरात की CEPT यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन किया हुआ है। अंबिका को ग्रेजुएशन पूरा करने से पहले ही स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में इंटर्नशिप करने का मौका मिला और उन्होंने Landolt und Haller Architekten AG फर्म में अर्बन प्लानिंग और सस्टेनेबिलिटी पर काम किया।

ग्रेजुएशन के बाद अंबिका रैना को कई नौकरी के ऑफर मिले। बेहतर भविष्य और करियर के मौके के बावजूद देश के लिए कुछ करने का उनका जज्बा कायम रहा। स्विट्जरलैंड जाने के बाद भी उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया। देश वापस आकर अंबिका ने UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।


IAS अंबिका रैना की UPSC क्लीयर करने की स्ट्रेटजी

अंबिका रैना के लिए UPSC के कुछ विषय उनकी पिछली पढ़ाई से बिल्कुल अलग थे, जिनमें पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री जैसे विषय शामिल थे। विषयों का कंटेंट किताबों से लेकर इंटरनेट तक काफी ज्यादा था, इसलिए उन्होंने कंटेंट को फिल्टर करना शुरू किया।

अंबिका ने तैयारी करते वक्त 100 से ज्यादा टॉपर्स के इंटरव्यू देखे और पिछले साल के पेपर्स और टॉपर्स की आंसर कॉपीज पर फोकस किया। इससे उन्हें UPSC के कोर्स को समझने और तैयार करने में मदद मिली।


अंबिका के UPSC परीक्षा के शुरुआती दो प्रयास फेल हुए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पहले प्रयास में उन्होंने मॉक टेस्ट नहीं दिए थे, लेकिन दूसरे प्रयास से ही मॉक टेस्ट पर फोकस बढ़ा दिया।

मॉडर्न हिस्ट्री के लिए स्पेक्ट्रम, पॉलिटिकल साइंस के लिए लक्ष्मीकांत, भूगोल के लिए NCERT किताबों को अहमियत दी। वहीं आंसर राइटिंग प्रैक्टिस पर पूरा फोकस रखा।


अंबिका रैना का इन सभी बातों से प्लान क्लीयर था कि अब उन्हें ये परीक्षा पास करनी है और उन्होंने 2022 की UPSC CSE परीक्षा में AIR 164 लाकर इस बात को साबित कर दिया।

Share:
V
Vande News

Reporter at Vande News

View all articles →