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सम्राट कैबिनेट से 17 एजेंडे पास: गया में बनेगा काशी विश्वनाथ जैसा विष्णुपद कॉरिडोर, छोटे शहरों तक पहुंचेगी उड़ान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसमें गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना प्रमुख हैं।

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||3 min read|Updated 3 weeks ago
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सम्राट कैबिनेट से 17 एजेंडे पास: गया में बनेगा काशी विश्वनाथ जैसा विष्णुपद कॉरिडोर, छोटे शहरों तक पहुंचेगी उड़ान

वंदे न्यूज़  पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास से लेकर सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना तक को हरी झंडी दी गई।

विष्णुपद क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए 2520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

योजना में मंदिर परिसर के विकास के साथ श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अलावा राज्य में जलस्रोतों के संरक्षण और हवाई संपर्क बढ़ाने से जुड़े फैसले भी लिए गए।


गया में बदलेगा विष्णुपद का स्वरूप, 2520 करोड़ से बनेगा कॉरिडोर

विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास की योजना में मंदिर परिसर, मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड पथ, घाट और डोरमेट्री जैसे निर्माण शामिल हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कैंटीन, पैदल पुल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य पथ विकास निगम करेगा।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास होने से विष्णुपद क्षेत्र को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है। सरकार का जोर धार्मिक पर्यटन के साथ क्षेत्र में बेहतर यातायात और सुविधाएं विकसित करने पर है।


सोन से फल्गु तक पहुंचेगा पानी, 996 करोड़ की योजना मंजूर

कैबिनेट ने सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए भी 996.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना के तहत सोन नदी का पानी उत्तर कोयल नहर के माध्यम से फल्गु नदी तक पहुंचाने की तैयारी है।

इससे फल्गु नदी में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। योजना को राज्य के जल प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके जरिए जलस्रोतों के बेहतर उपयोग और संबंधित क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने की कोशिश होगी।


जलस्रोतों की गाद बनेगी निर्माण की सामग्री, नई नीति को मंजूरी

जलवायु परिवर्तन के बीच अनियमित बारिश और औसत वर्षापात में कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने जलस्रोतों के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

कैबिनेट ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत नदियों, बराजों और जलाशयों से गाद निकालकर उनकी जलधारण और जलवहन क्षमता बहाल की जाएगी।

निकाली गई गाद का इस्तेमाल सड़क, रेलवे, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और भवन निर्माण में भराई के लिए किया जा सकेगा। इससे निर्माण कार्यों में उपजाऊ मिट्टी के इस्तेमाल को कम करने की कोशिश होगी।


आकांक्षी जिलों में बनेंगे हेलीपोर्ट

कैबिनेट ने बिहार में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी।

क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत नए हवाई मार्गों को वित्तीय सहायता मिल सकेगी। कम यात्री वाले मार्गों को शुरुआती अवधि में संचालित करने में भी मदद मिलेगी।

विभिन्न हवाई अड्डों का विकास चुनौती आधारित व्यवस्था के तहत किया जाएगा। आकांक्षी जिलों में हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए हेलीपोर्ट विकसित करने की भी योजना है।


ईंट-भट्ठा कारोबारियों को बकाया पर राहत, तीन महीने रहेगी योजना

राज्य के ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए भी कैबिनेट ने राहत का फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशि के लिए एकमुश्त समाधान योजना को मंजूरी दी गई है।

इसके तहत नीलाम पत्र वाद में दर्ज बकाया राशि में से ब्याज छोड़कर शेष राशि जमा करने पर संबंधित देनदार के खिलाफ लोक मांग बकाया नहीं माना जाएगा।

इसके बाद नीलाम पत्र पदाधिकारी संबंधित वाद का निस्तारण कर सकेंगे। यह योजना तीन महीने तक प्रभावी रहेगी और विभाग जल्द इसकी अधिसूचना जारी करेगा।

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